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यमुना के उफनाने का सिलसिला शुरू होने से प्रशासन अलर्ट

 

जिला संवाददाता अमित गुप्ता

कालपी (जालौन)

 

कालपी/जालौन यमुना नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने से बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। सोमवार को नदी का जलस्तर करीब 10 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ता रहा। रविवार को 98.7 मीटर जलस्तर था। सोमवार को 102.67 मीटर से अधिक पहुंच गया है।

कालपी में यमुना का चेतावनी स्तर 107 मीटर और खतरे का लाल निशान 108 मीटर है। संभावित बाढ़ व बारिश को देखते हुए प्रशासन और राजस्व विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

यमुना तट के सात गांवों में बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की गई हैं, जबकि बेतवा नदी किनारे दो स्थानों पर चौकियां बनाई गई हैं। राजस्व अधिकारियों, लेखपालों, कोटेदारों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

ज्ञात हो कि वर्ष 2025 की बाढ़ में यमुना का जलस्तर करीब 113 मीटर पहुंच गया था, जिससे कई गांवों और नगर के आधा दर्जन मोहल्लों में जलभराव हो गया था। केंद्रीय जल आयोग हमीरपुर के एसडीई लोकेश कुमार ने बताया कि राजस्थान एमपी में बारिश तथा नदियों का पानी आने से कालपी में यमुना नदी का जलस्तर 10-12 सेमी प्रति घंटा के हिसाब से बढ़ रही है। सोमवार की दोपहर को जल स्तर 102.67 मीटर तक पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि मंगलवार की सुबह तक जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है।

 

फोटो—यमुना नदी एवं एसडीएम विनय कुमार मौर्य

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