उरई (जालौन) जिला जजी कोर्ट के वकील गोविंद सिंह पर यातायात प्रभारी दरोगा वीर बहादुर सिंह ने बुरी तरह हमला बोल देने की घटना को लेकर सोमवार को अधिवक्ताओं में आक्रोश दिखाई दिया और जजी गेट के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। अधिवक्ताओं द्वारा जाम लगाया और पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवाने का प्रयास किया मगर आक्रोशित अधिवक्ता दरोगा के खिलाफ कार्यवाही मांग पर अड़े रहे।
अधिवक्ता गोविंद सिंह मदारी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि पुरानी रंजिश के चलते दरोगा बीर बहादुर सिंह व दो साथियों के साथ उन्हें रोका, मां-बहन की गालियां दीं, वकील की बैंड फाड़ दी, मुंह पर थूक दिया और गले से सोने की चेन छीन ली।वकील गोविंद सिंह ने बताया कि 19 फरवरी को जजी गेट पर वाहन साइड करने को लेकर दरोगा से उनकी कहासुनी हुई थी, जिसके बाद दरोगा ने धमकी दी थी। शनिवार को वकालत की ड्रेस पहने चले जा रहे थे तभी यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा मैंने कहा कि गालियां न दें, चालान काट दें तो दरोगा उत्तेजित हो गया और हमला कर दिया। मौके पर पहुंचे राहगीरों और साधारण लोगों ने वकील को बचाया, लेकिन दरोगा ने जान से मारने की धमकी देकर चले गए।पूर्व जिला बार संघ के संयुक्त सचिव गोविंद सिंह ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने और दरोगा के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वकील समुदाय में इस घटना से रोष है।
