मुसलमानों की मॉब लिंचिंग व धार्मिक स्थलों पर हमलों के विरोध में 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

 

जिला संवाददाता अमित गुप्ता

उरई जालौन

 

उरई (जालौन) संविधान, सामाजिक न्याय, धार्मिक स्वतंत्रता एवं नागरिक समानता की रक्षा तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं के विरोध में विभिन्न मांगों को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कदौरा ने अपने साथियों के कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन के सौंपते हुए कहा कि देश के वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक परिदृश्य में संविधान के मूल सिद्धांतों, सामाजिक सौहार्द और नागरिक समानता पर हो रहे आघातों पर चिंता जताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। कहा गया कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद और उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए तथा महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही संविधान विरोधी कानूनों को वापस लेने, सीएए/यूसीसी/वक्फ संशोधन अधिनियम-2025 जैसे कानूनों पर पुनर्विचार करने तथा संविधान के मूल ढांचे और बहुलतावादी पहचान की रक्षा की मांग की गई। ज्ञापन में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 27, 28 और 29 का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने तथा पूजा, प्रबंधन, शिक्षा और संस्कृति के संवैधानिक अधिकारों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप रोकने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन में कहा गया कि देश में सामाजिक सौहार्द, धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिक समानता बनाए रखने के लिए सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए तथा अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।इस मौके पर प्रमुख रूप से बहुजन मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामबाबू चौधरी, भारत मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कदौरा के नेतृत्व में हरिओम प्रकाश कुशवाहा, बीआर कुशवाहा, आशाराम चौधरी, अमर सिंह, सत्यनारायण, एल. आर. अटल, रामनरेश आदि मौजूद रहे।

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