कोंच (जालौन) नगर की साहित्यक संस्था वागीश्वरी साहित्य परिषद के तत्वाधान में रामचरित मानस के रचैयिता तुलसीदास की जयंती पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कवियों ने कविता पाठ कर तुलसीदास की जयंती मनाई इस मौके पर मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष ने कार्यक्रम की शुरुआत की।
गुरुवार को नगर के आनंदेश्वर मंदिर के प्रांगण में आयोजित हुई काव्य गोष्ठी में मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि तुलसीदास जी ने जो हमारी हिन्दू समाज के लिए लिखा है वह बास्तव में बहुत ही सराहनीय है इससे हमारे युवाओं के लिए आगे की पीढ़ी बहुत कुछ सीखेंगे हम सबने भी राम को यही से पहचाना है इस दौरान कविता पाठ करते कवि नबोदित कवि बब्बू राजा नरी ने कहा कि तुलसी इस संसार में भांति भांति के लोग,सबसे हस मिल लियो नाथ नही संयोग वही कवि नन्दराम स्वर्णकार ने कहा कि केवल रामचरित मानस ही जीवन धरा दिखलायेगा, रामकथा की बैठ नाव में भव सागर तर जाएगा वही कवि रुचिर नायक ने कहा कि सूरशशी तुलसी रवि उडगन केशवदास,अब के कवि खघोत सम,जहाँ तहां करें प्रकाश वही बरिष्ठ साहित्यकार ओंकार नाथ पाठक ने कहा कि बोला राम तो राम बोला बन गए,जब कवि बनकर घर घर में बस गए ,राम चरित मानस के जनक तुलसीदास ,राम राम कहकर ही राम में ही रम गये इस दौरान अध्यक्ष मयंक मोहन गुप्ता प्रमोद कुमार मनोहर निरजंन सुनीलकान्त तिवारी मनोहर निरजंन अखिल शर्मा बैदेही शरण लोहकर भास्कर सिंह माणिक आदि मौजूद रहे है।
