जिला संवाददाता अमित गुप्ता
कालपी जालौन
कालपी/जालौन मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन (उरई) के आरआरटीसी की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को मातृ एवं नवजात संबंधी जटिल मामलों के प्रबंधन के संबंध में ऑनसाइट मेंटरिंग और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी में निरीक्षण टीम में राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कपिल सिंह निरंजन, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार लोधी, आरआरटीसी एफआरयू विशेषज्ञ डॉ. पल्लवी पचौरी और आरआरटीसी समन्वयक नेहा तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य इकाइयों में उपलब्ध सुविधाओं, प्रसव एवं नवजात देखभाल की व्यवस्थाओं तथा आपात स्थिति में मरीजों के प्रबंधन की तैयारियों को बारीकी से देखा।
डॉ. कपिल सिंह निरंजन ने प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिल परिस्थितियों, सुरक्षित प्रसव और समय पर आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने जटिल प्रसूति मामलों में त्वरित निर्णय, टीमवर्क और समय पर रेफरल के महत्व पर जोर दिया। डॉ. संतोष कुमार लोधी ने नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में चिकित्सकों और स्टाफ को आवश्यक जानकारी दी। नवजात की प्रारंभिक देखभाल, जटिल स्थिति की पहचान और समय पर उपचार को लेकर उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से चर्चा की।
डॉ. पल्लवी पचौरी ने एफआरयू स्तर पर उपलब्ध सेवाओं और मातृ-नवजात जटिलताओं के प्रबंधन को लेकर चिकित्सकीय टीम का मार्गदर्शन किया। उन्होंने मौके पर आने वाली संभावित चुनौतियों पर चर्चा करते हुए प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मैनिकिन पर विशिष्ट एवं जटिल मामलों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों के साथ खुली चर्चा कर उनके सवालों और उपचार से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया गया।आरआरटीसी समन्वयक नेहा तिवारी ने मेंटरिंग कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में भूमिका निभाई। टीम ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि मातृ एवं नवजात संबंधी आपात स्थितियों में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय रखते हुए निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।
विदित हो कि राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन को जिले के लिए आरआरटीसी के रूप में जिम्मेदारी मिलने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जिले की स्वास्थ्य इकाइयों में लगातार प्रशिक्षण एवं ऑनसाइट मेंटरिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता को मजबूत कर मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
फोटो – सीएचसी का निरीक्षण करती विशेषज्ञ चिकित्सकों कि टीम
