कालपी (जालौन): नगर में इन दिनों एक गंभीर समस्या तेजी से उभर रही है, जहां अधिकांश दुकानदारों द्वारा जीएसटी नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि सामान खरीदने पर उन्हें पक्का बिल यानि जीएसटी बिल नहीं दिया जाता, और यदि ग्राहक बिल की मांग करता है तो उससे अलग से जीएसटी की राशि वसूली जाती है।
नगर में कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, फर्नीचर सहित कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर यह प्रवृत्ति आम हो गई है। दुकानदार अक्सर दो तरह की कीमत बताते हैं। बिना बिल (कच्चा बिल) कम कीमत
पक्का बिल (जीएसटी सहित) अधिक कीमत। इससे उपभोक्ता दुविधा में पड़ जाते हैं और कई बार मजबूरी में बिना बिल के सामान खरीदना मजबूरी बन जाती है जबकि जीएसटी कानून के अनुसार किसी भी वस्तु या सेवा की बिक्री पर दुकानदार द्वारा बिल देना अनिवार्य है। बिना बिल के सामान बेचना या गलत बिल जारी करना अपराध की श्रेणी में आता है।
यदि कोई दुकानदार जीएसटी वसूलता है लेकिन सरकार को जमा नहीं करता, तो यह गंभीर कर चोरी मानी जाती है जहाँ टैक्स चोरी या बिल न देने पर ₹10,000 या टैक्स का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है वहीं जानबूझकर धोखाधड़ी करने पर 100 प्रतिशत तक जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है वहीं बड़े मामलों में 5 साल तक की सजा का भी प्रावधान है।
हाल ही में देशभर में करोड़ों रुपये के जीएसटी घोटाले पकड़े जा चुके हैं, जिससे स्पष्ट है कि सरकार इस पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “यदि हम बिल मांगते हैं तो दुकानदार साफ कह देते हैं कि जीएसटी अलग से देना होगा, जबकि असल में कीमत में टैक्स शामिल होना चाहिए।”
उपभोक्ताओं को हो रहा नुकसान जिसके परिणामस्वरूप गारंटी/वारंटी का लाभ नहीं मिलना, शिकायत या रिटर्न में परेशानी, अधिक कीमत वसूलने की संभावना और नकली या घटिया सामान मिलने का जोखिम बढ़ जाता है जिससे उपभोक्ताओं का बाजार से विश्वास उठ गया है और कुछ वर्षों से कालपी क़े बाजार का स्तर गिरता नजर आ रहा है जिससे राजस्व की कमी और क्षेत्र का विकास दोनों पर सीधा असर दिखाई दे रहा है।
नगरवासियों ने प्रशासन और जीएसटी विभाग से मांग की है कि बाजारों में नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए और
बिना बिल सामान बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाये तथा उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जाये तथा उपभोक्ताओं को भी चाहिए कि दुकानदार से सामान का हमेशा पक्का बिल लें। बिल पर जीएसटी नंबर जरूर जांचें।
किसी भी शिकायत पर जीएसटी हेल्पलाइन या पोर्टल पर सूचना व रिपोर्ट दर्ज कराएं।
कालपी में जीएसटी चोरी और बिल न देने की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो यह न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाएगी, बल्कि आम उपभोक्ता भी लगातार ठगी का शिकार होता रहेगा।
