जिला संवाददाता अमित गुप्ता
कालपी जालौन
कालपी/जालौन कालपी (जालौन)। मंगलवार को केंद्रीय रेशम बोर्ड के तत्वावधान में ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0’ अभियान के अंतर्गत तहसील कालपी के ग्राम पंचायत सचिवालय शेखपुर गुढ़ा में हितधारक परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रेशम कृषकों सहित 50 से अधिक हितधारकों ने प्रतिभाग किया। विशेषज्ञों ने रेशम उत्पादन से जुड़ी वैज्ञानिक तकनीकों और संभावनाओं की जानकारी देकर किसानों को जागरूक किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामबाबू निषाद ने की। इस दौरान केंद्रीय रेशम बोर्ड के वैज्ञानिक-डी डॉ. हसनसाब नद्दाफ, रेशम विकास अधिकारी मनोज कुमार पटेल तथा केंद्रीय रेशम बोर्ड के सहायक मुकेश कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।
वैज्ञानिक-डी डॉ. हसनसाब नद्दाफ ने प्रतिभागियों को ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0’ के ढांचे, उद्देश्यों, कार्यान्वयन रणनीति तथा विभिन्न हितधारकों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जिला स्तर पर रेशम क्षेत्र के समग्र विकास के लिए हितधारकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर देते हुए वैज्ञानिक तकनीकों को प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
ग्राम प्रधान रामबाबू निषाद ने हितधारकों से जिला रेशम विकास योजना तैयार करने में अपने अनुभव, सुझाव एवं सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रेशम पालन ऐसी महत्वपूर्ण गतिविधि है, जिसमें वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर कम अवधि में बेहतर आय अर्जित करने की संभावनाएं मौजूद हैं।
हितधारकों की सहभागिता से आयोजित इस परामर्श कार्यक्रम को जालौन जिले के बेसलाइन सर्वेक्षण तथा सहभागी जिला रेशम विकास योजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
फोटो—कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ अधिकारी।
