कोंच (जालौन) मुहल्ला मालवीय नगर वार्ड नंबर 2 में पुस्तैनी आवासीय भूमि पर निर्माण को लेकर विवाद का मामला सामने आया है पीड़ित ने दिन बुधवार एसडीएम ज्योति सिंह को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि कुछ दबंग व्यक्तियों द्वारा उन्हें अपनी भूमि पर निर्माण कार्य करने से रोका जा रहा है तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी और जातिसूचक गालियां दी गईं
पीड़ितों के अनुसार मुहल्ला मालवीय नगर स्थित उनकी पुस्तैनी आवासीय भूमि पर उनके पूर्वजों द्वारा कच्चे-पक्के मकान बनाए गए थे, जहां वे लंबे समय तक धर्मशोधन का कार्य करते थे यह भूमि नगर पालिका परिषद कोंच के अभिलेखों में दर्ज बताई गई है और प्रार्थीगण वर्षों से मकान टैक्स भी अदा करते आ रहे हैं बताया गया कि लगभग 30 वर्ष पूर्व धर्मशोधन का कार्य बंद हो जाने के कारण मकान जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो गए लेकिन उनकी नींव आज भी मौके पर मौजूद है अब प्रार्थीगण अपनी उसी पुस्तैनी भूमि पर पुनः निर्माण कार्य शुरू करना चाहते हैं।
प्रार्थीगणों का आरोप है कि 31 मार्च 2026 को सुबह लगभग 11 बजे जब वे अपनी भूमि पर पूर्वजों द्वारा स्थापित नींव पर पत्थर के खंभे और निशान लगा रहे थे तभी गोखले नगर निवासी जगदीश कुशवाहा ने पुलिस को बुलाकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस के जाने के बाद जगदीश कुशवाहा, विनोद कुमार और आकाश कुशवाहा सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और एक राय होकर जातिसूचक गालियां देने लगे तथा खंभा गाड़ने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ितों ने बताया कि इससे पहले भी 26 मार्च 2026 को इसी तरह की घटना हुई थी जिसकी लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक जालौन को दी गई थी इसके बावजूद आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से हैं और मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं उनका कहना है कि विवादित व्यक्तियों की कृषि भूमि गाटा संख्या 1441 पर पूरी तरह से काबिज है इसके बावजूद वे दबंगई के बल पर झगड़ा कर रहे हैं।
पीड़ितों ने उप जिलाधिकारी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए, पुस्तैनी भूमि पर पूर्वजों द्वारा स्थापित नींव पर खंभे लगवाए जाएं तथा उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
