कोंच (जालौन) सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या का एक विशेष स्थान है जिसमें सुहागन महिलाएं पूजा पाठ के उपरांत अपने परिवार की सुख समृद्धि एवं पति के दीर्घायु होने की कामना करती हैं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव की पूजा के साथ पीपल एवं तुलसी वृक्ष की परिक्रमा करना अत्यंत शुभ माना जाता है और मान्यता के अनुसार इस दिन किए गए दान पुण्य और धार्मिक कार्यों से भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है जिससे परिवार में सुख शांति समृद्धि का वास बना रहता है सोमवती अमावस्या के दिन महिलाएं सोलह श्रंगार करने के उपरांत फल मिष्ठान और अन्य पूजन सामग्री से पीपल व तुलसी वृक्ष का पूजन अर्चन कर उसकी परिक्रमा करती हैं जिसमें 108 परिक्रमा का विशेष महत्व है वही पूजा अर्चन के दौरान महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु होने की कामना करती है साथ ही साथ परिवार कल्याण की भी प्रार्थना करती है इसी व्रत को लेकर दिन सोमवार को नगर व क्षेत्र में महिलाओं द्वारा सोलह श्रंगार करने के उपरांत पीपल बा तुलसी के वृक्ष की परिक्रमा लगाते हुए देखी गई है।
