जिला संवाददाता अमित गुप्ता
कालपी जालौन
कालपी (जालौन)। थाना आटा क्षेत्र के ग्राम अटरिया में खेत के बीच कथित रूप से जबरन चकरोड निकाले जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित अनन्तराम पुत्र भुलई एवं हामीद पुत्र मेंहदी हसन ने पुलिस और उपजिलाधिकारी उरई को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि बिना किसी सक्षम आदेश के उनके खेतों में जेसीबी चलाकर चकरोड डाला जा रहा है। शिकायत में ग्राम प्रधान प्रशासक धीरज बाल्मीकि, उसके भाई रमेश तथा अन्य लोगों पर जबरन खुदाई कराने, धमकी देने और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार अनन्तराम की गाटा संख्या 1085/1 एवं हामीद की गाटा संख्या 1085/3 में जेसीबी से खेत के बीच खुदाई कर रास्ता बनाया जा रहा है। पीड़ितों का कहना है कि विरोध करने पर अनन्तराम की पत्नी आशा देवी को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई और उनके बेटे रवि को फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात कही गई। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल स्थिति को शांत कराया, लेकिन अगले दिन फिर खुदाई शुरू होने का आरोप लगाया गया।
विवाद बढ़ता देख पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की। फिलहाल पुलिस एवं संबंधित राजस्व विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है।
घटना की जानकारी मिलने पर पत्रकार भी मौके पर पहुंचे, जहां पीड़ित परिवार और कई ग्रामीण महिलाओं ने कैमरे के सामने अपनी पीड़ा बयां की। पीड़ितों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं। वहीं दूसरे पक्ष ने भी अपना पक्ष रखा और अपने दावे प्रस्तुत किए। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।अब सवाल यह है कि यदि खेत के बीच चकरोड बनाया जा रहा था तो क्या उसके लिए सक्षम राजस्व अधिकारी की अनुमति थी? यदि अनुमति थी तो किसानों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? यदि अनुमति नहीं थी तो जेसीबी किसके आदेश पर चली? शिकायत के बाद भी दोबारा खुदाई कैसे शुरू हो गई? क्या प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करेगा।
