जर्जर सड़क से परेशान छः गांवो के ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से लगाई गुहार

 

कोंच (जालौन) नागरिकों की सुविधा के लिए हर विभाग में सरकार द्वारा लाखों की तनख्वाह दी जाती है और नागरिकों को प्रदत्त सुविधाओं हेतु करोड़ों का बजट आवंटित होता है लेकिन लाखों की तनख्वाह पाने वाले अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए दिखते हैं ऐसे में सरकार को चाहिए कि ऐसे उदासीन विभागों को ही समाप्त कर दिया जाए।

मामला तहसील क्षेत्र के ग्राम जुझारपुर बंबा से कूँडा नहर पुल तक लगभग 7 किलो मीटर लंबी जर्जर सड़क का है जो 6 ग्रामों के ग्रामीणों को जोड़ने का कार्य करती है लेकिन जर्जर सड़क के निर्माण के लिए नहर बिभाग मंडी परिसर और लोक निर्माण बिभाग तीनों एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक कर मजा ले रहे हैं और ग्रामीण अपने आपको को ठगा महसूस कर रहा है क्योंकि इस सड़क को किसान स्कूली बच्चे आरामी बीमारी के लिए प्रयोग करते हैं लेकिन जर्जर होने के कारण आये दिन इस पर दुर्घटनाएँ घटित होती रहती हैं इस मार्ग पर हिंगुटा कूँडा चमरौउआ बरहल खुटेला और मबासा के लगभग 15 हजार लोग प्रति दिन आबागमन करते हैं लेकिन उनके बाहन इस जर्जर सड़क में दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं और वह जिम्मेदार विभागों को कोसने के अलाबा कर ही क्या सकते हैं उक्त के सम्बन्ध में ग्रामीणों ने दिन मंगलवार को प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी अभिनव कुमार यादव को एक ज्ञापन सौंप कर सड़क को किसी एक बिभाग को सौंपकर निर्माण करवाये जाने की मांग की है इस दौरान जितेंद्र कुमार शिव कुमार सूर्य प्रताप कमलकांत आशीष कुमार जितेन कुमार पंकज कुशवाहा अमित आशीष समेले सहित सैकड़ों की सँख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

 

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