युवक की संदिग्ध मौत की खबर को संज्ञान में लेकर एसडीएम व ए सीएमओ ने की जांच

रिपोर्ट ------- सोनू महाराज
कालपी जालौन छै जुलाई को सीएचसी में तैनात डाक्टर की लापरवाही से हुई युवा की मौत की खबर अखबारों मे छपने के बाद एसडीएम व ए सीएमओ 7जुलाई को जांच के लिये सीएचसी कालपी पहुंचे और बन्द कमरे में जांच कर एस पैथलौजी पहुंचे वहां भी जांच की !
घटनाकृम के अनुशार पांच जुलाई को दोपहर 11.30 बजे के लगभग सीएचसी कालपी में आए मरीज को कमरा नम्बर 13 में बैठे डाक्टर ने देखा और हर मरीज की तरह पर्चे में जांच लिखकर यश पैथालाजी भेज दिया ! जहां मरीज का ब्लड लिया पैसे लिए और अगले दिन आने को कह दिया !
पर मरीज की गम्भीर बीमारी को न डाक्टर ने समझा न पैथलाजी संचालक ने ! और अगले दिन 6 जुलाई को मरीज के पिता के पास फोन आया कि मरीज को लेकर पैथलौजी आइए पिता अपने जवान बेटे को पीठ पर लादकर पैथलौजी जा रहा था तभी रास्ते में उस मरीज की मौत हो गई! इधर डाक्टर ने बताया कि मैने रिफर कर दिया था जब रिफर कर दिया तो जांच के लिए क्यों भेजा वहीं अगर पर्चे मे रिफर लिखा था तो पैथलौजी वाले ने क्यों जांच कर दूसरे दिन रिपोर्ट दुबारा करने की बात क्यों कही और दूसरे दिन भी मरीज को क्यों बुलाया जांच रिपोर्ट उसके पिता को देने के बाद- !यहां यह भी बताते चलें कि डाक्टर द्वार मृतक की मृत्यु स्लिप भी नहीं दी ओर पीएम नहीं कराया गया और मृतक को जल्दी जल्दी सरकारी ऐम्बूलेंस में लादकर उसके गावं भेज दिया जबकि लाश को एम्बूलैंस से नहीं भेजा जाना चाहिए!
मामला गम्भीर है इसकी जांच मे लीपापोती नहीं होनी चाहिये और एक गरीब को न्याय मिलना चाहिए तथा दोषियों को सजा होनी ही चाहिए!
उक्त मामले की जांच करने के बाद जब मीडिया कर्मियों ने एसडीएम कालपी के के सिंह से पूछा कि जांच में क्या पाया तो एस डीएम ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया और कहा अभी जांच चल रही है अभी कुछ नहीं कह सकते !
पैथोलॉजी व मेडिकल स्टोरो की अगर हो जाए जांच तो हो है सकता बड़ा खुलासा
नगर में सीएचसी के करीब पैथोलॉजी लैब व मेडिकल स्टोर हो रहे संचालित जिनमे सक्रिय एजेंट लगाते हैं अस्पतालों के चक्कर और भारी कमीशन देकर डॉक्टरों से लिखवाते है जांचे यहां तक कि रोक के बाबजूद भी सरकारी अस्पतालो में पहुंच कर जांच का सैमपुल लेते हैं पैथोलॉजी वाले। अगर किसी सक्षम अधिकारी के द्वारा इन पैथोलॉजी के संचालकों की डिप्लोमा जांच की जाए तो हो सकता है बड़ा खुलासा। पैथोलॉजी संचालक जांच के बदले कर रहे जनता से मनमानी वसूली इसी तरह मेडिकल स्टोरों में नकली दवाइया और मनमाने तरीके से पैसे लेकर मरीजों को जेब पर डाल रहे डाका। संबंधित अधिकारी जानबूझकर दे रहे हैं खुली छूट नहीं करते रूटीन जांच। जिसके चलते इन लोगों के हौसले हैं बुलंद ।
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