थाना प्रभारी महेश कुमार के स्थानांतरण पर हुये विदाई समारोह में भावुक हुए नगर वासी

संवाददाता
अमित गुप्ता
कोटरा (जालौन)। पुलिस विभाग में स्थानांतरण की सतत प्रक्रिया जहां एक ओर थाना क्षेत्र वासियों को राहत पहुँचाती है तो वहीं दूसरी ओर उन्हें दुखी भी कर देती है। यह दुख तब और बढ़ जाता है जब किसी न्याय प्रिय, कर्तव्य निष्ठ व ईमानदार पुलिस ऑफीसर का तबादला होता है।
ऐसा ही एक तबादला कोटरा थाना क्षेत्र वासियों को उस समय उदास कर गया जब उन्हें विगत आठ माह से कोटरा थाना प्रभारी महेश कुमार के विदाई समारोह की सूचना मिली। कोटरा थानाध्यक्ष महेश कुमार निःसंदेह अपनी कर्तव्य निष्ठा और विशिष्ट कार्य शैली के चलते जन जन के ह्रदय में अपना स्थान बनाने में सफल रहे थे। उनकी मृदु भाषिता ने हर एक व्यक्ति को प्रभावित कर रखा था। अपराधों पर नियंत्रण करने के साथ ही उन्होंने परस्पर होने वाले विवादों को बिना किसी को असंतुष्ट करते हुए सहज ही निपटा दिया। थाना अध्यक्ष महेश कुमार ने कभी किसी पर पुलिस इंस्पेक्टर होने या वर्दी का रौब नहीं दिखाया। बड़े से बड़े त्योहारों व जुलूसों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए हिन्दू व मुस्लिमों के बीच सदभावना स्थापित करने में पूरी तरह कामयाब रहे। उनके विदाई समारोह में उनके ट्रांसफर के दुख की झलक लोगों के चेहरों पर साफ दिख रही थी। विदाई समारोह में भागीदारी करते हुए कोटरा नगर पंचायत अध्यक्ष सियाशरण व्यास के उद्बोधन में उनके ह्रदय की पीड़ा उस समय उजागर हो गयी जब उन्होंने इस ताबदले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सौम्य सरल स्वभाव वाले अधिकारी बहुत कम ही मिलते हैं। अमर उजाला के पत्रकार रघुवीर सिंह गौर भी अपनी वेदना नहीं छिपा सके और अंततः उनके सम्बोधन में भी इस विदाई की पीड़ा स्पष्ट नजर आयी। विदाई समारोह में उपस्थित पूरा थाना परिवार भी अपने होठों पर बनावटी मुस्कान लाने का भरसक प्रयास कर रहा था लेकिन फिर भी असफलता ही उनके हाथ लग रही थी।
जाते जाते भी थाना प्रभारी महेश कुमार चौकीदारों को नया नाम (ग्राम पुलिस अधिकारी) देते हुए उन्हें एक एक कम्बल व मिठाई का डिब्बा देकर अपनी उदारता का परिचय दे गए।
कोटरा वासी अभी पूर्व थानाध्यक्ष कृष्ण पाल सरोज के स्थानांतरण के दुख से उबर भी नहीं पाए थे कि इस ताबदले ने उन्हें पुनः दुखी कर दिया।
What's Your Reaction?






