गोवर्धन पूजा करने से नहीं होती धन-धान्य की कमी : संतोष शास्त्री

रामपुरा, जालौन ।गोवर्धन पूजा से भगवान श्री कृष्ण प्रसन्न होकर धन धान्य से परिपूर्ण होने का आशीर्वाद देते हैं ।
रामपुरा नगर में टीहर रोड पर चल रहे साथ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह एवं ज्ञान यज्ञ में हजारों श्रोताओं को संबोधित करते हुए व्यास पीठ पर विराजमान विद्वान कथा व्यास पंडित संतोष शास्त्री (सिंधोस वाले) ने गोवर्धन पूजा से होने वाले पुण्य लाभ पर विस्तृत प्रकाश डाला । पंडित संतोष शास्त्री ने बताया कि पर्वतों में पूज्यनीय गोवर्धन पर्वत भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का साक्षी है जब इंद्र के अभियान को चूर करने के लिए 7 वर्ष की आयु के कन्हैया ने अपने बाएं हाथ की कनिष्ठका पर 24 किलोमीटर की परिधि में फैले विराट गोवर्धन पर्वत को सहजता से उठाया तो वह पाषाणगिरि धन्य हो गया। जिसे भगवान अपने हाथ पर उठा ले वह कितना भाग्यशाली होगा । वह निर्जीव पत्थर भगवान की कृपा से सजीव होकर पूजनीय हो बृज भूमि का तीर्थ स्थल हो गया है जो परमात्मा की कृपा से युगों युगों तक पूजा जाता रहेगा । दीपावली के उपरांत का कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को अन्नकूट ,गोवर्धन की पूजा होती है जिसमें भगवान कृष्ण की प्रसन्नता के लिए 56 व 108 तरह के व्यंजन व पकवानों के भोग लगाने का विधान है । कथा व्यास ने कहा प्राणी को अहंकार नहीं करना चाहिए क्योंकि यहां अपना कुछ भी नहीं है सब परमात्मा का दिया हुआ है।अपना यश वैभव कीर्ति धन संपदा सब भगवान की कृपा का परिणाम मानते हुए प्रसाद रूप में ग्रहण कर अपने जीवन को लोक कल्याण के लिए समर्पित करना चाहिए। कथा परीक्षित श्रीमती मानकुंअर व बीरबल सिंह यादव एवं रामपुरा नगर के वह आसपास गांव के हजारों श्रद्धालुओं ने विद्वान कथा व्यास की अमृतमय कथा का रसपान किया।
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