दशकों तक दस्यु समस्या से जूझने वाले यमुना पट्टी के ग्राम नरहान का अस्तित्व खतरे में

May 9, 2024 - 19:01
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दशकों तक दस्यु समस्या से जूझने वाले यमुना पट्टी के ग्राम नरहान का अस्तित्व खतरे में

अमित गुप्ता

कालपी (जालौन)

कालपी/जालौन दशकों तक दस्यु फूलन देवी मुस्तकीम गब्बर विजय बाबा श्री राम लालाराम निर्भय जैसे तमाम दस्यूं के अत्याचार से जूझने वाले ग्रामों के ग्रामीण पुलिश की प्रताड़ना को झेलने के बाद आज मुक्त हैं पर विकसित भारत की विकास योजनाओं से आज भी महरूम हैं! सड़क शिक्षा स्वास्थ सिचाई जैसी मूलभूत सुविधायें आज भी इन बीहण पट्टी के गावों तक नहीं पहुंच पाईं!इसमे किसे दोषी माने यह हमें कहने य बताने की बात नहीं है सभी बता सकते हैं! क्योंकि सरकार तो सभी को योजनाएं देती है पर जनपद जालौन की बिधानसभा 220 कालपी की तहसील कालपी के विकास खण्ड महेवा के बीहण पट्टी और यमुना तट के तमाम ग्राम ऐसे भी हैं जहां आजादी के बाद से आज तक शियद ही कोई सासद वोट मांगने भी पहुंचा हो !

 आज ऐसे ही एक गांव की दशा दुर्दशा से आपको परिचित करवाते हैं !उस गांव का नाम है नरहान जो तहसील कालपी के महेवा विकास खण्ड की पड़री ग्राम सभा का मोजा है !बिधानसभा सभा मुख्यालय कालपी से मात्र 12से 13 किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी के किनारे तीन ओर जंगलों और एक ओर यमुना से घिरे लगभग एक हजार की कुल आबादी बाला गांव !

यहां के वासिंदों का कहना है कि गांव को सरकार ने तो भुला ही दिया कुदरत ने भी इसे समाप्त करने का वीणा उठा रखा है! यमुना के भारी कटाव से इस गांव के ग्रामीणों की सैकड़ों एकड़ भूमि यमुना मे समा चुकी है और साल दर साल समाती जा रही है ! इस गांव की छै सै सात सौ एकड़ कछार भूमि में एक भी सरकारी नलकूप नहीं है जिस असिंचित भूमि है यहां सही समय और पर्याप्त वर्षा होने पर ही फसल होती है वह भी 24 सों घंटे रखवाली के बाद क्योकि जंगलों से घिरी जमीन पर जंघली एवं अन्ना पशुओं से रखवाली करनी पड़ती है! ले देकर वर्ष में एक ही फसल हो पाती है चूंकि नून नदी और यमुना नदी की बाढ़ से खरीब की फसल अधिकांश समाप्त हो जाती है ! यहां का सौ फीसदी किसानबैंक य सिहूकार के कर्ज में आकंठ तक डूबा है जिसका ब्याज भी भर पाना मुश्किल से होता है !

दूसरी सबसे बड़ी समस्या सड़क की है मात्र दो से तीन किलोमीटर सड़क के न होने से यहां के ग्रामीण बरसात में मुख्यालय कालपी से कट जाते हैं मुसीबत पड़ने पर ,33 किलोमीटर की दूरु तय कर मुख्यालय कालपी आया जा सकता है जबकि उसकी दूरी 13 किलोमीटर ही है !

ऐसा नहीं है कि यहां के किसानों ने अपनी समस्या से शासन प्रशासन को अवगत नहीं कराया ! ग्रामीणों में जय प्रकाश मुकेश देवलाल मुन्ना सुभाष सुरेश रामसेवक गंगाराम तगदीर सतेंन्द्र कढ़ोरे राम आसरेआदि का कहना है  

कई बार शासन प्रशासन से विनती की पर हमेशा आश्वाशन ही मिला है ! क्योंकि सभी जानते है वोट युग है राजनीतिक नेता हर पहलू को वोट के चस्में से देखते हैं जिस गांव में वोटर ज्यादा होते हैं उन्हीं पर फोकस करते हैं पर नरहान तो मात्र तीन से चार सौ वोटर का मालिक है तो कोई जन प्रतिनिधि इसे क्यों देखेगा ! आज इस छोटे से गांव में कोई युवा नहीं है सब पलायन कर चुके हैं अधिकांश घरों मे बूढ़े मा बाप ही घर को रखाए बैठे हैं ! यहां संसाधनों की कमी से खेती बाड़ी के कार्य से किसानो की रुचि खत्म हो रही है !ऊंची नींची असिंचित भूमि पर मेहनत भी वसूल नहीं होती ! 

आज गांव में जो लोग रह रहे हैं वो मात्र अपनी विरासत की रखवाली भर कर रहे हैं ! अधिकांश जन नजदीकी नगरों कस्बों में बस गये हैं ! शेष ग्रामीणों के हालात बहुत खराब हैं ! सरकार य जनप्रतिनिधि अगर इनकी ओर ध्यान नहीं देते तो ये गांव वीरान हो जाएगा ! इसे बचाये रखने के लिए ज्यादा कुछ नहीं चाहिए मात्र दो तीन किलोमीटर सड़क और दो तीन नलकूप मिल जायें तो इस गांव के लोग भी विकसित भारत के बासिंदे हो जायेंगे ! उनको भी ऐहशास होगा डबल इंजन की सरकार के नारे सबका साथ सबका विकास का ! पर यह तभी संभव है जब हमारे सांसद बिधायक इस गांव के ग्रामीणों की दशा दुर्दशा को नजदीक से निहारेंगे और गम्भीरता से उसका समाधान करेंगे !

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