अली मेरा ईमान है - अली मेरी जान की नात पर वाहवाही बटोरी

अमित गुप्ता
कालपी जालौन नगर के मोहल्ला बड़ा बाजार स्थित उस्मानिया मस्जिद में 21 वें रमजान को नमाजे तराबीह के बाद फातेह ख़ैबर बाबुल इल्म हसनैन के बाबा दामाद ए मुस्तफ़ा हज़रत मौला अली यौमे शहादत पर महफिल का आयोजन किया गया। इस्लामिक धर्म गुरुओ ने मौला अली की शहादत के बारे में बताया।
बीती रात को आयोजित कार्यक्रम में उस्मानिया मस्जिद के इमाम हाफिज अतहर बरकाती ने अपने सम्बोधन में बताया कि 21 रमजान को करबला के ताजदार सय्यदुस सादात हजरत इमाम हसन - इमाम हुसैन के वालिद हज़रत अली का कत्ल कर दिया गया था। हम अहले सुन्नत वल जमात वाले 21 रमजान को हज़रत मौला अली मुश्किल की याद में महफिल का आयोजन करते हैं। महफ़िल में मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे हज़रत मुफ्ती अशफ़ाक बरकाती साहब ने कहा कि हम अली की याद किसी के कहने से नहीं मनाते हम अली से मोहब्बत करते हैं। इस्लाम के पैगम्बर मोहम्मद मुसतफ़ा ने फरमाया मेरे सारे सहाबा सितारे के मानिंद है। हम हर सहाबी को जन्नती मानते है। महफ़िल में अयान इस्माइली तथा साहिब बरकती ने मौला अली की शान में नात को सुनाते हुये कहा
अली मेरा ईमान है-अली मेरी जान है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुये अरबाज बरकाती ने सुनाया -
जो शख्स महफिले हैदर में आ नहीं सकता।
अली के नाम का नारा लगा नहीं सकता।
अली के बेटे अगर इजाजत न देंगे तो,
किसी का आप भी जन्नत में जा नहीं सकता ।
कार्यक्रम में साबिर बरकाती, भ आसिफ, सीबू, नफीस, तौसीफ बरकाती, जुनैद बरकाती, वाहिद चिश्ती,अरबाज बरकाती, अनस चिश्ती,फैजान बरकाती, काशिफ चिश्ती, समेत मौला अली के अकीदतमंदों ने शिरकत की।
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