श्रावण के महीने में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व - टिंकू महाराज कोटरा

ब्यूरो के के श्रीवास्तव जालौन
उरई (जालौन) समीपस्थ ग्राम चुर्खी में श्रावण मास के दौरान अधिक मास में महामृत्युंजय सवा लाख जप शिवलिंग निर्माण रुद्राभिषेक बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध भागवताचार्य शास्त्री पंडित कृष्ण बिहारी तिवारी टिंकू महाराज कोटरा वाले की अध्यक्षता में शास्त्री पंडित मुकेश शुक्ला मूसानगर के आचार्यत्व में महानगर कानपुर के प्रकांड विद्वानों के द्वारा कमलेश विश्वकर्मा पूजा विश्वकर्मा के आवास पर किया जा रहा है पत्रकार वार्ता में शास्त्री जी ने बताया सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ की पूजा का विशेष महत्व है क्योंकि सावन के महीने में ही माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ को पति रूप में पानी के लिए तपस्या की थी सामने के महीने में ही मारकंडे जी ने भगवान भोलेनाथ की तपस्या की थी सावन के महीने में भगवान शंकर पहली बार ससुराल गए थे सावन के महीने में भगवान शंकर कैलाश से उतरकर पृथ्वी पर आते हैं ऐसी अनेक कथाएं पुराणों में मिलती हैं इसलिए भोलेनाथ को सावन का महीना अधिक प्रिय है श्रावण के महीने में जो भी भगवान भोलेनाथ का पूजन करता है रुद्राभिषेक करता है महामृत्युंजय का जाप करता है उसके सारे संकट भोलेनाथ हरते है जो भी सावन के महीने में भाव सहित भोलेनाथ की पूजा करता है उसकी जाकर मृत्यु की टल जाती हैशास्त्री जी के सानिध्य में अनेक विद्वान शास्त्री वीरेंद्र त्रिपाठी मूसानगर श्रीकांत द्विवेदी मूसानगर राम मोहन तिवारी शास्त्री सिमरा शेखपुर मोहित दीक्षित मदारीपुर ने वैदिक मंत्रों के द्वारा विधि विधान से रुद्राभिषेक करवाया मुख्य अजमान कमलेश विश्वकर्मा अभय पूजा विश्वकर्मा ने भोलेनाथ का अभिषेक किया आरती की रुद्राभिषेक के दौरान महेश विश्वकर्मा सीमा पार्थ यथार्थ वैभव रीमा लक्ष्य विश्वकर्मा कमलेश पूजा अर्जित तारा उर्मिला रीता सीता निर्मला अर्चना विश्वकर्मा आदि श्रद्धालु मौजूद रहे
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