मनरेगा भ्रष्टाचार में कोंच ब्लॉक अव्वल

कोंच जालौन भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना प्रधानों ने अपनी गरीबी मिटाओ योजना बना ली है एक मामला विकासखंड कोच के ग्राम अशुपुरा का है जहां मनरेगा योजना में 13 मास्टर रोल भरे गए हैं और दो कामों का होना दिखाया जा रहा है दोनों कार्य ग्राम पंचायत के हैं काम गुल खुदाई का है दूसरा मामला कोच ब्लॉक के ही छिरावली ग्राम पंचायत का है जहां 17 मास्टर रोल भरे गए हैं इसमें भी दो कामों का होना दिखाया जा रहा है इसमें करण सिंह के खेत से राधेलाल के खेत तक जलबाँध निर्माण दिखाया जा रहा है जबकि इसकी फोटो में कोई भी मजदूर नहीं दिख रहे हैं यहां के पंचायत मित्र और तकनीकी सहायक के द्वारा जो फोटो अपलोड किए गए हैं उन फोटो में कोई भी मजदूर काम करता हुआ नजर नहीं आ रहा है तीसरा मामला कोच विकासखंड की ही ग्राम पंचायत लौना का है जहां 11 मास्टर रोल भरे गए हैं जिसमें मनोज के खेत से लक्ष्मण के खेत तक गूल खुदाई का काम दिखाया जा रहा है अब आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि जब 17 17 मास्टर रोल भरे जा रहे हैं यानी 170 लोगों के लगभग लोग मजदूरी कर रहे हैं तो 1 महीने में लोगों की कितनी मजदूरी बनेगी अगर कायदे से इसमें भ्रष्टाचार की जांच की जाए तो करोड़ों रुपए के राजस्व का गोलमाल स्पष्ट दिखाई देगा लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि कहीं कोई जांच होगी क्योंकि हमाम के अंदर सभी नंगे हैं और तुम भी खाओ मुझे भी खिलाओ की नीति के तहत मनरेगा को अपनी कमाई का एक जरिया बना लिया है
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