संपादकीय – “बाज़ के बच्चे मुँडेर पर नही उड़ते”।

संपादकीय संपादक की कलम से—–   बाज पक्षी जिसे हम ईगल या शाहीन भी कहते है। जिस उम्र में बाकी परिंदों के बच्चे चिचियाना सीखते है उस उम्र में एक … Read More

मजदूरों का दर्द समझों तो बनवा दो घर, सुमेर सिंह कसाना ( वरिष्ठ पत्रकार)

संपादकीय मजदूरों जैसा दर बदर कोई नहीं जिसने राजनेताओं के साथ सब के घर बनाए जो सो रहे सुकून से और आज वही मजदूर हैं बेघर जो सो भी नहीं … Read More

संपादकीय-कैसा होगा लॉक डॉन 5-0,किसको मिलेगी छूट।

लॉकडाउन के लागु हुए 2 माह से अधिक हो चुके हैं. इस बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भारत में लॉकडाउन 5.0 लागु करने की सोच रही हैं, खबर के अनुसार इसके … Read More

संपादकीय

कोंच(जालौन) यूपी की राजनीति समझने वाले बखूबी जानते है कि वहां कांग्रेस दूर दूर तक जमीन पर कहीं भी नहीं है, मुख्य विपक्षी दल सपा और बसपा है जिनका ग्राउंड … Read More

संपादकीय

  कोंच (जालौन) यूपी की राजनीति समझने वाले बखूबी जानते है कि वहां कांग्रेस दूर दूर तक जमीन पर कहीं भी नहीं है, मुख्य विपक्षी दल सपा और बसपा है … Read More