यदि आप इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते हैं तो जम कर खाएं अमरूद, जानिए कई और फायदे।

 

विटामिन  सी एवं अनेकों असाध्य रोगों के लिए रामबाण। 

विटामिन सी शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाता है लेकिन आप शायद यह नहीं जानते कि संतरे के मुकाबले अमरूद में चार गुना ज्यादा विटामिन सी होता है. अमरूद खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ वजन कम करने में मददगार होता है. इसमें कैलोरी बहुत कम और फाइबर अधिक होता है और कोलेस्ट्रॉल ना के बराबर होता है. यह पेट को जल्दी भर देता है, जिससे आपको जल्दी भूख नहीं लगती. शुगर की मात्रा कम होने की वजह से यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद लाभदायक है. इसके अलावा यह फल कई समस्याओं को दूर रखने में लाभदायक होता है. जाने इसके फायदे.

एंटी एजिंग गुणों से भरपूर

एंटी एजिंग गुणों से भरपूर अमरूद स्किन के डैमेज सेल की मरम्मत कर उसे स्वस्थ रखता है, जिससे जल्दी झुर्रियां व झाइयां भी नहीं पड़तीं. इसकी पत्तियों को पीसकर पेस्ट बनाएं फिर आंखों के नीचे लगाएं इससे आंखों की सूजन और काले घेरे भी ठीक होंगे।

डायबिटीज कंट्रोल करे

अमरूद में मौजूद फाइबर डायबिटीज कंट्रोल करने में भी मददगार है, जो बॉडी में शर्करा की मात्रा को संतुलित तरीके से अवशोषित करने का काम करता है. इससे खून में शुगर की मात्रा में जल्दी से बदलाव नहीं होता।

प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करे

विटामिन सी शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाता है. संतरे के मुकाबले अमरूद में चार गुना ज्यादा विटामिन सी होता है. इससे खांसी, जुकाम जैसे छोटे-मोटे इंफेक्शन से बचाता है।

ब्लड प्रैशर कंट्रोल करें

अमरूद में मौजूद फाइबर और पोटैशियम ब्लड में कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मददगार हैं. अमरूद खाने से दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर नियमित रहता है।

कैंसर से बचाव

अमरूद में एंटीऑक्सीडेंट लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होता है. जो बॉडी में कैंसर सेल को बड़ने से रोकने का काम करता है.

दूर करे पेट संबधी परेशानियां

अगर आप अमरूद का सेवन काले नमक के साथ करते हैं तो इससे पाचन संबधी परेशानी दूर होती है. पेट में कीड़े हो गए हों तो अमरूद का सेवन फायदेमंद होता है. अमरूद कब्ज व पित्त की समस्या को भी दूर करता है।

दांत मजबूत बनाए

दांत और मसूढ़ो के लिए भी अमरूद बहुत फायदेमंद है. मुंह के छाले को दूर करने के लिए अमरूद की पत्तियां चबाने से राहत मिलती है. अमरूद का रस घाव जल्दी भरने का काम करता है।

संपादक     संतोष कुमार निरंजन।

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