उत्तरप्रदेश कदौरा जालौन

पहले तीन तलाक , उसके बाद जबरन हलाला के बाबजूद भी दिया तलाक दर बदर घूम रही युवती मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद जगी उम्मीद।

 

कदौरा जालौन ट्रिपल तलाक कानून पास होने के बाद नगर में हलाला का एक सनसनीखेज मामला सामने आया जब एक युवती ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भेजे शिकायती पत्र में बताया है कि उसके पति एवं ससुराली जनों ने जबरन दो नंदोई के साथ हलाला करवाने के लिए मजबूर किया है मुख्यमंत्री ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी जालौन को कार्रवाई के निर्देश दिए एसपी के निर्देश कदौरा पुलिस ने युवती से घटना के संबंध में जानकारी ली है।
कस्बा निवासी एक युवती ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भेजे शिकायती पत्र में अवगत कराया है कि उसकी शादी नसीम अली पुत्र हबीब अली निवासी पुखराया के साथ 2014 में हुई थी लेकिन पति एवं अन्य ससुराली जन उसे अतिरिक्त दो लाख रुपए और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना करने लगे शादी के कुछ वर्षों बाद अतिरिक्त मांग की पूर्ति ना करने पर ससुराली जनों ने उसे घर से निकाल दिया जिस पर वह मायके आ गई कुछ दिन बाद पति द्वारा भेजे गए एक पत्र में तीन तलाक देने की बात लिखी थी और उसे तलाक दे दिया गया लेकिन रिश्तेदारों के दबाव पर पति एवं उनके अन्य रिश्तेदार उसे अपने घर ले गए जहां पर पति नसीम अली ससुर हबीब अली सास जमीला ने जबरन मारपीट करते हुए उसका हलाला नंदोई शाहिद अली निवासी आगरा व दूसरा नंदोई राशिद अली निवासी फिरोजाबाद के साथ कर दिया और एक रात गुजारने के बाद भी उसे तलाक दे दिया जबकि पति ने दूसरी शादी कर ली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी जालौन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिया है मुख्यमंत्री के आदेश पर एसपी ने कदौरा प्रभारी निरीक्षक को कार्रवाई कर रिपोर्ट देने की निर्देश दिए वही प्राभारी निरीक्षक रविन्द्र नाथ यादव का कहना है कि अभी मामला संज्ञान में नही है अगर कोई मामला है तो जानकारी कर तथ्यों के आधार पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी ।
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कदौरा । हलाला के बाद पति द्वारा दूसरी लड़की के साथ शादी करने से परेशान पीड़िता ने एक माह पूर्व स्थानीय पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन पुलिस ने बिना कार्यवाही किए पीड़िता को भगा दिया जिसके बाद पीड़िता ने एसपी से भी शिकायत की थी लेकिन कोई कार्यवाही न होने पर मुख्यमंत्री की चौखट पर गुहार लगाई थी ।
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कदौरा । केंद्र सरकार द्वारा दिसम्बर 2017 में तीन तलाक कानून पास होने से पीड़िता को न्याय की उमीद जगी है पीड़िता ने बताया कि मुस्लिम ला के मुताबिक शौहर की मनमर्जी चलती थी लेकिन कानून पास होने से मुस्लिम महिलाओं को भी सामान्य हक मिल गया है।

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